चोट खाकर अपनी जुबान
बाहर निकाली हे,
मलम से लब्ज लेकर वेध हम
दिल जोडने को बेठे हे,
ईन जमाने मे तेरा दर्द सुलजाने
तेरे इंतजार मे बेठे है,
किताब के पन्नो मे अध्याय
तुम्हारा लीख बेठे है,
मशगूल हे हम तुम्हारे किस्से मे
किस्मत तेरे साथ जोड बेठे है,
नही तोडा दिल हमने हमारा क्योकी
उस दिल मे इंतजार तेरा करके
हम बेठे है,
चाखने वालो को आशिकी मे दर्द हे
हम तो पी गये हे तेरी चाहत
खुशी का नशा कर बेठे है,
जो मन से करता हे लुटाता हे
हमने तो दिल से किया हे
इश्क का जाम लेके बेठे है,
साथ छोडा तुमने कच्चे धागे जेसा
हम तो थामे बेठे है,
खेल हे ऊच्चाई से गहेराई नापनेका
हम ही नाप कर जीत बेठे है
सासे आती हे तेरी जाती हे हमरी
तुम्हारा दिल जो सीने मे
लिये बेठे है.