जिंदगी एक सबक है ।
परिस्थितियां सम हो या विषम
जिंदगी में ।
हार नहीं मानना है कभी जिंदगी में
चल पड़े हैं जब पथ पर तो कांटे तो
बहुत मिलेंगे ।
कांटों को हटाते हुए पथ को सुगम
बनाने होंगे।
हम हों या न हो लेकिन गवाही तो
चांद और सितारे रहेंगे।
जमाने की बातों से दूर हम तो अब
कूच करने वाले होंगे।
फिर अफसोस हम न होंगे।
लेकिन गम कम न होंगे।
जैसे चमकते हैं सूर्य वैसे ही
धरा को रौशन करते रहेंगे।
जिंदगी एक सबक है ये याद दिलाने
को हम और हमारे न होंगे।
अनिता सिन्हा ✍️
दिनांक ६ दिसंबर २०२१