मरने के बाद भी मुझको रुलाया गया
कुछ इस तरह से मुझको सताया गया
और गले लग लग को उसको सहारा दे रहे थे लोग के जिस वजह से मुझे कब्र में दफनाया गया
कुछ इस तरह से उसको मनाया गया के मेरा नाम ले ले के उसको खाना खिलाया गया
और इस बात से बिलकुल अंजान थे
कुछ लोग वंहा के मुझे उसी बेवफा के हाथो जहर पिलाया गया
कुछ इस तरह से मुझको सताया गया के मरने के बाद भी मेरी अर्थी को सजाया गया
उस बेवफा को भी ना चाहके रुलाया गया
और जिस रकीब के साथ मिल कर की थी साजिश उसने भरी महफिल में उस रकीब को उसका भाई बताया गया
कुछ इस तरह मुझको सताया गया के सब लोगो के जाने के बाद मेरी मौत का जश्न मनाया गया
मेरी अर्थी में चढ़े फूलों से ही मेरे घर को सजाया गया
ओर जिस रकीब को अपना समज रही थी वो
उसी के हाथो उसे भी जहर पिलाया गया
कुछ इस तरह से मुझको सताया गया के फिर एक बार मुझे उससे रूबरु करवाया गया
की इस बार वो फूल उसकी अर्थी पे सजाया गया
ओर मोहब्बत बड़ी ही सिद्दत से करली थी मैने उससे सायद
इस लिए उसका मकबरा भी मेरे मकबरे के बगल में बनाया गया
कुछ इस तरह से मुझको सताया गया के मरने के बाद भी मुझको रुलाया गया......