मुझे रातों से शिकायत होती है,
तुझे बिन जो मेरी कटती नहीं।
उस पल में बैचेनी बढ़ती है,
जिसमें तेरी मौजूदगी नहीं।
खुली आंखों से सपने देखा करते हैं,
एक लम्हा भी दूरी तुझसे ज़रती नहीं।
तेरे आने का इंतजार तो चल जाता है,
तेरे जाने की बात मुझसे सभंलती नहीं।
-Sona