नीला आकाश
मेघों से आच्छादित आकाश
उमड घुमड कर बरस रहे बादल
गरज रही बिजली।
वायु का एक तीव्र प्रवाह
छिन्न भिन्न कर देता है बादलों को
शेष रह जाता है
विस्तृत नीला आकाश।
कौन है ऐसा
जिसके जीवन रूपी आकाश में
घिरे ना हो परेशानी के बादल
गरजी ना हो मुसीबत की बिजलियाँ।
वह जो सकारात्मकता, सृजनशीलता और
धर्म निष्ठा के साथ जूझता है
परेशानियों और मुसीबतों से
उसके संघर्ष की वायु का प्रवाह
निर्मल कर देता है
उसके जीवन के आकाश को।
लेकिन जहाँ होती है नकारात्मकता
जहाँ होता है अधर्म, वहाँ होता है पलायन,
वहाँ होती है पराजय,
वहाँ होती है कुंठा और अवसाद।
वहाँ छाये रहते है बादल,
वहाँ गरजती रहती है बिजलियाँ।
प्रत्येक का जीवन होता है नीला निर्मल आकाश ।
व्यक्ति की सोच, सच्चाई और सक्रियता
भर देती है उसे बादल, पानी और बिजली से
अथवा कर देती है उसे नीला, निर्मल और प्रकाशवान,
यही है जीवन का यथार्थ।