मेरी दुवा में बस इतना असर लग जाए
उसका उसी के जैसे किसी से दिल लग जाए
शायद तब वो मेरे दर्द क्यू अंदाजा करेंगा
उससे बेवफाई उसका सहेजादा करेगा
तब वो कभी मेरे ज़ख्मों पर हस कर देखे
वो मछली किसी मछवारे के जाल में फस कर देखे
तब वो सायाद मेरी इन ज़ख्मों पर भी गौर करेगा
जब उसके भी दिल पर निशान कोई ओर करेगा ...