ये जो हम शायरी लिखते हैं.... पढ़ भी लिया करो..ये सिर्फ अल्फाज़ नहीं... हमारे जजबात हैं.....
महेसूस भी कर लिया करो...
साँसो औऱ कलम का क्या भरोसा.. कब थम जाये..
जब तक साँस हैं सीने में हमारे
बातें कर लिया करो...
जब ना होंगे हम.... तब अच्छे शायर के नाम से, याद कर लेना....🙄
अभी तो हमें याद कर लिया करो...
-Anurag Basu