मुस्कान
मुस्कान तेरी आज भी याद हैं
वो तेरा मुस्कुराना
मुस्कुरा के जुल्फें उठाना, कातिल निगाहो से चुपके से निहारना
वो निहारना तेरा अब भी याद है
चलते चलते राहो मे पलट पलट कर देखना वो देखना तेरा
अब भी याद है मुझे
चुपके से छत पर आकर
वो मम्मी की डांट का सुनना
सुन कर के मेरी हसीं उड़ाना
वो तेरा मुस्कुराना अब भी मुझे याद हैँ
तेरे दिल मे छुपे मेरे लिए जज़्बात मुझे न बताना
बता कर पलट जाना
वो मंद मंद मुस्कुराना तेरा अब भी मुझे याद है
शायद अब भी तुम्हे याद होगा मेरा वो पुराना किस्सा
मेरे प्यार का वो जासूस
तेरी चुपके से जासूसी करना पता करके तेरे मन की बात मेरा तुझे वो प्यार का पहला ख़त लिखना
तुम्हारे पढ़ने के बाद शर्म से चुप जाना अब भी मुझे याद है तेरी वो मुस्कान अब भी मुझे याद है
हां अब तुम मेरी जिंदगी मे हो मेरे सात जन्मों की संगिनी हो फिर भी तुम आज भी वही शर्मीली और मुस्कान की गुड़िया हो
वो मुस्कान अब भी मुझे याद है