Parmaansiii_007
हां में गलत,
लेकिन सही तुम भी तो नहीं...
माना हम ने बढ़ाए कदम,
पर रोका तुम ने भी तो नहीं...
बेफाम सपने सजाए अनेक,
पर टोका तुम ने भी तो नहीं...
हां, जागे है राते याद में तुम्हारी,
मगर सोए तुम भी तो नहीं...
आए थे आंसू दूरी के एहसाह से,
बताओ क्या रोए तुम भी तो नहीं???
थाम रखी थी मशाल कुछ ऐसे,
सब के लिए मिशाल ही सही...
ढूंढ़ ही लेते कुछ बुझाने इसको,
हवा नहीं तो उसका झौंका ही सही!!!
हां में गलत,
लेकिन सही तुम भी तो नहीं।।