Hindi Quote in Poem by Anand Tripathi

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

चारो ओर नीला गगन
उत्तर में हिमराज खड़ा है।
सागर की लहरों के आगे सुरज का प्रकाश
बिखरा पड़ा है।
चमन,सुमन,और अमन और एक दुश्मन इनके आगे नतमस्तक
खड़ा है।
स्वाद व्यंजन,और मनोरंजन तीनो एक दूसरे के बिना प्यासे है।
सूरत,गुजरात,और राजस्थान जैसे प्रदेश का अलग अलग खान
पान।
पान से स्मरण हुआ बनारस का।
ओह,यार गन्ने के रस का
मणिकर्णिका घाट
और कुछ अकींचित जलती सख्सियतो के शव का
जिनका स्वर्ग के द्वार का पास बनाते कुछ विद्वान जन।
कुछ उनकी स्मृति बटोरते हुए
काशी ,मथुरा, अयोध्या, पुरी
सभी के अंतर मन को हल्का करती सदनीरा गंगा की बहती धारा।
दुर्गम चित्रकूट और सुगम हृदय के लोग
मंदाकिनी की लहरे,अनंत बह रही है।
सिया राम प्रेम का प्रमाण देती हुई वहा की रज।
विविध धर्म परंतु रक्त समान है।
प्रत्येक धर्म का निज सम्मान है।
तुलसी ,कबीर ,रहमान,रसखान, अज्ञेय,दिनकर,
इनकी कुछ कृतियां जिनकी ऊंचाई भाव को भी रोक दे।
गृहणी और एक सभ्य पुरुष के वार्तालाप का उन्माद भरने वाला नाट्य स्वरूप।
विज्ञान की गरिमा लघुमा से कही ऊपर चढ़ कर मां के नजर उतारने का चलन।
दवाई का चलन अच्छा है। किंतु यहां दुहाई को ही विश्वास पुरित माना गया है।
शर्प को दूध और गऊ को ग्रास देने से धन लाभ का संबंध नहीं किंतु उनका पेट भरने से ही मन लाभ होता है।
भगत सिंह,आजाद,बिस्मिल,खान,इनके बचपन ने आज करोड़ों को उनका पछपन दिया है।
प्रातः उठना नियम में रहना ये कोई वेद नही बल्कि हमारी अपनी आत्मीयता का एक सुदृढ़ स्वरूप को सिंचाय मान करने का एक प्रयास होता है।
भारत एक अनूठा देश है। यहां तो मृत्यु छोड़ो छप्पर में भी लोग कंधा देते है।
परंपराओं का सृजन करना इसकी धमनियों में है।
काशी काबा,मंदिर मस्जिद सब एक है किंतु बनावट थोड़ा अलग है।
अजान की आवाज का रक्त कणिकाओं में बहना
गीता के अखंड सार तत्व का जीव पर किसी विज्ञान से भी ज्यादा प्रभाव पड़ना
कितनी विलक्षण बात है।
रंग , संग ,मिलकर भंग बन जाए तो रंग का उच्चारण कैसा
भगवा ऊर्जा का असीम स्रोत, हरा रंग शीतलता का अनुपम प्रवाह
और स्वेत रंग सफेद चादर जहां कलुषित मन भी कुछ नहीं पाता
शांत स्वरूप के बदले।
राम मर्यादा है कृष्णा करुणा है , अल्लाह इबादत है,बुध प्रकाश है।
इनकी मानवता ही इनका धर्म है।, या सब किसी जीवित पुस्तक के एक अविश्वसनीय पृष्ठ है।
धर्म जाति रंग भेद यह सब एक प्रवाह है, और ईश्वर को माध्यम बनाकर इसका संचालन करने वाले कुछ लोग।
लेकिन इन सबसे परे है भारत जिसका अखंडता सदैव ही अलंकृत रहेगी। जिसकी करुणा का प्रभाव हमेशा ही फलित होगा और तिरंगा
तीन रंग का और अनोखा होगा।
धन्यवाद।
आनंद त्रिपाठी (लेखक )
विराज खंड लखनऊ, bfc publication house.
उत्तर प्रदेश भारत।
8826863557

Hindi Poem by Anand Tripathi : 111739423
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now