एक बार एक लखनवी ने रेल से उतरते ही
कुली को आवाज़ लगायी.
कुली: क्या ले चलना है साहब ?
लखनवी: बस मेरी छड़ी ले चलो.
यह देखकर एक दुसरे लखनवी को ताव आ गया और
उसने 4 कुली को आवाज़ लगायी.
चारो कुली हाज़िर हो गए और पुछा,
क्या ले चलना है साहब ?
दूसरा लखनवी: यह जो सीट पर
ख़ाली माचिस की डिबिया पड़ी है,
इसी को पहुंचा दो टैक्सी स्टैंड तक.
😜😜लखनवी दोस्तों के लिए
😁😁🙂😂😂😂😜😅