1 धानी
धानी चूनर ओढ़ कर, चढ़ा केशरी रंग।।
झंडा वंदन हो रहा, देश प्रेम सत्संग।।
2 यामा
घन गरजा आकाश में, बिजली चमकी साथ।
यामा से डूबी धरा, झुका कंस का माथ।।
3 घनश्याम
श्याम वर्ण घनश्याम का, राधा गोरी-रंग ।
प्रेम सरोवर में बसें,जन्म-जन्म का संग।।
4 चातुर्मास
भक्ति कर्म आराधना, ज्ञान और सत्संग।
शुभ दिन चातुर्मास के,धारण भगवा रंग।।
5 महादेव
महादेव की है कृपा,चार-मास त्यौहार।
गौरी सुत की वंदना, कान्हा का अवतार।।
मनोज कुमार शुक्ल " मनोज "
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