उन्हें लगा था मैं टुट चुकी हूं तो अब खड़ी नहीं हो पाऊंगी
पर मेरी भी एक जिद थी और मैंने दौड़ के उन्हें चौका दिया
उन्हें लगा था मैं अब कुछ कर नहीं पाऊंगी
पर मैंने फिर एक नई जुनून के साथ कोशिश की
उन्हें लगा था कि अब हर वक्त में उनसे तिल मिलाते हुए बात करूंगी..... Anumay
पर मैंने तो अपने आप में मुझे हौसला देने की की कोशिश की
उन्हीं लगा था मैं अब टूट चुकी है
मैंने तो अपने आप को फिर से संजोया... Bindu Anurag
ए दुनिया वालों मत करो किसी को इस तरह तोड़ने की कोशिश
क्योंकि बार-बार टूटा हुआ इंसान और ज़्यादा जुनून से खड़ा होता है
27/06/21
09 AM