पाकेट मार
एक जेब कतरे ने
राहगीर के जेब पर
अपना हाथ आजमाया
उसका धन अपना बनाया
दूसरे जेबकतरे ने
पहले जेबकतरे का
जेब साफ कर दिया
राहगीर के साथ-साथ
जेबकतरे का धन भी हथिया लिया
तीसरे जेब कतरे ने
दूसरे का जेब कतर लिया
राहगीर के साथ-साथ
दोनों जेबकतरों के धन पर भी
कब्जा जमा लिया।
राहगीर है जनता
पहला जेबकतरा है अधिकारी
दूसरा है व्यापारी
तीसरा है नेता
जनता का धन
अधिकारी व व्यापारी से छनता हुआ
नेताओ की जेब में जा रहा है
उनके घरों में
उनकी तिजोरियों में
या विदेशी बैंकों के खातों में
शोभा बढ़ा रहा है
राजनीति और व्यवस्था का दानव
कटी जेबों से झांकते हुए
अट्टहास लगा रहा है।