शीर्षक: किताबे बेवफाई की
घायल हुआ, जिसके अंदाज से
बदनाम हुआ, प्यार, उसी राज से
जब तक समझता, लूट चुका था
प्यार, प्यार नहीं, एक इतफाक था
चेहरे की मोहब्बत में, गलत हो जाता
दिल क्या कहता, वो लाचार हो जाता
प्यार की गलियां, जज्बातों से खेलती
निगाहों में उनके, सूरते कई झलकती
वफ़ा, अब कोई, सवाल का उत्तर न दे पाती
किताबे बेवफाई की ही, अब पसंद की जाती
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali