क्या बताऊँ कि क्या हुआ किसका खुमार छाया है।
जब से गया हूँ उसकी गली तब से बुखार आया है।
जाने कितने वैद आये कितने इंजेक्शन हमने लगवाया है।
मेरी बिगड़ी हालत देख किसी ने तांत्रिक को बुलवाया है।
झाड़ू ले कर पीटता है मिर्च के धुएं को भी सुलगाया है।
कहता है चुड़ैल ने पकड़ा है मुझे ,हम पर उसी का साया है।
मुझे मार मार कर अधमरा कर देता तभी किसी ने बताया है
भतीजा बोल पड़ा चाचू देखो तो चाची का फोन आया है।
मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट आती ,तभी तांत्रिक ने चिल्लाया है।
खबरदार ! फोन न छूना उस चुड़ैल का ही फोन आया है।
वह आत्मा है मोहल्ले की उसका फितूर तुम पर छाया है।
मेरे सामने आने से डरती है इस लिए तुम्हें कॉल लगाया है।
तभी किसी ने बीच में बोला बाबा बात तो करवाओ उसकी
हमे भी तो पता चले कितने ज़िंदा हैं कितनो को मरवाया है।
झट से मैंने फोन पकड़ा उसने मुझे धीरे से समझाया है।
ऐसे ही एक्टिंग करते रहना मैंने ही तांत्रिक बुलवाया है।
आज फिर बरगद के नीचे मिलने की खातिर बुलवाया है
जब मुलाकात हुई तब जा के मुझे कुछ आराम आया है।