जो भीड़ में भी सिर्फ तुम्हें देखे,
जिसके लिए सिर्फ तुम काफी हो,
जो तुम्हारे अलावा किसी को ख़यालो में भी ना लाए
जिसके लिए सब कुछ तुम ही हो,
सिर्फ तुम ।।
और जिस दिन ऐसा कोई मिल जाए, उसे खुद से ज़्यादा सम्भाल कर रखो।
क्योंकि ये एहसास भी सबको नहीं होती ।।