" संसार हो जाये "
00000000000
आपस में हमको ऐसा प्यार हो जाये ;
कि प्यार से भरा सारा ये संसार हो जाये ।
मिल जाय मन से और एक हो जाये ;
कि हर चहरे में भगवान का दीदार हो जाये ।
कितनी खूब सूरत दिखेगी दुनिया ये ;
हम जो सोचे ऐसा एकबार हो जाये ।
आंसू ना आये कभी हर कोई मुस्कुराये ;
फूल खिले , पानखर में भी बहार हो जाये ।
" Bन्दास " बनकर जिये जिसने है जीवन पाया ;
कुदरत करे ऐसी दुनिया तैयार हो जाये ।
✍️ " Bन्दास "
राकेश वी सोलंकी ।