शीर्षक: मोक्ष चिंतन
हाँ, जीना है, हिम्मत का काम
अगर जीना है मेहनत के नाम
जीवन का क्या ? बीत जाएगा
अफसोस का दामन भर जाएगा।
मत समझना, जीवन पाना अंत है
है यह एक यात्रा, मोक्ष, मंजिल है
जब तक न मिले, तन एक संकेत है
मानव जीवन के बाद, मोक्ष हासिल है ।।
कर्म ही, हर धर्म का सही सार है
सही कर्म ही, जीवन का आधार है
बिन सही मेहनत के जीवन बेकार है
इस सोच में ही मोक्ष का आकार है ।।।
चिंतन करना, बार, बार जन्म लेना सजा है
कौन सी योनि में पैदा होंगे, वो एक कजा है
चौरासी लाख जीव जंतु हर कर्म का फल है
ये जीवन ही, अंतिम परीक्षा, अगर सफल है ।।।।
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali