चेतावनी का शब्दघोष 🎷🎶🎶🎶🎶🎶🎶🎶🎶🎶🎶
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
----------------------------------------------
भारत माता की जय, भारत माता की जय,
के नारे लगाते हो।
और नारे लगाते-उसी माँ के सीने में तुम,
कीलें ठोंक जाते हो।
लहूलुहान कर दिया जिसको तुमने,
यह धरती ही भारत माता - जानते हो तुम?
अहिंसा की दुहाई देने वालो!
गूँगे, बहरे, अंधे बन क्यों आज तुम हो गुम?
वाह! कमाल है, शाबाश!!!
इतिहास का रिकॉर्ड तुमने तोड़ दिया।
लेकिन देखा परिणाम???
सब धरती-पुत्रों को तुमने जोड़ दिया।
कृषक ने फल - फूल अन्न उगाकर,
पृथ्वी को हरियाली से भर दिया।
और तुमने? माँ के दिल में संगीनें घोंप कर,
माँ का आँचल ही लहू से रंग दिया।
धरती-पुत्रों पर चलाने को;
तलवार सम लाठी भी, बना लाए हो तुम।
याद रखेगा ज़माना कि;
पद के मद में, अपने होश खो आए हो तुम।
दीवारें खींचकर धरा के बेटों की किलाबंदी,
जो तुमने आज की है।
समझ लो! अपने पापों का घड़ा भरने की,
गुस्ताख़ी तुमने आज की है।
पापों का यह घड़ा भरते ही,
तुम्हारा अंत भी सुनिश्चित है।
सारी दुनिया देखेगी वह दृश्य,
जो अब देखना प्रतीक्षित है।
कल किसी और का था, आज तुम्हारा है;
और कल भी किसी और का ही होगा।
मस्तक पर टीका कलंक का लगवाओगे या
रोली का? फल तुम्हारे कर्मों का ही होगा।
कुछ भी करो! इतिहास में
सब दर्ज हो जाएगा ;
चूके अगर अब, तो समय
हाथों से निकल जाएगा।
सँभल जाओ!
अभी भी विध्वंस रुक सकता है।
बचा लो देश को,
बाकी अभी जो एकता है।
माँगें उनकी मान लेने से,
छोटे नहीं हो जाओगे तुम ;
कर दिया ऐसा अगर तो,
महान ही कहलाओगे तुम।
देश को तोड़ो या जोड़ो,
दोनों तुम्हारे हाथ में ही हैं;
चलोगे जोड़कर सबको तो,
सब तुम्हारे साथ में ही हैं।
आशा है, "वसुधैव कुटुम्बकम" से मर्यादित ;
इस देश को बदनाम तुम, होने नहीं दोगे।
दुनिया के नक्शे पर सम्मानित;
भारत माता को कलंकित तुम, होने नहीं दोगे
होने नहीं दोगे, होने नहीं दोगे।।।।। ।।।।।।जय हिंद - जय भारत 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
------------------------------------------------------
अभिव्यक्ति - - - - - - - - - प्रमिला कौशिक
------------------------------------------------------