मेरे प्यारे दोस्तों कोई नही खबर सुनाओ।
किस किस के यहां बारिश हुई हमें बताओ
शाम को लिखा था ख्वाहिश अब रात होने वाली है।
किसकी गलियां भर गयीं कहाँ बरसात होने वाली है।
ये बताओ दुआ मेरी कुबूल हुई या खुदा ने बेवकूफ़ बनाया।
क्या आपके यहाँ भी बारिश हुई क्या आपका महबूब आया।
कमेंट्स में जवाब लिखिए हम आप के शुक्रगुजार हैं।
क्या मेरी तरह आपको भी सावन का इंतज़ार है।
कलम उठाओ गीत लिखो दिल को गुनगुनाने दो
मेरी तरह तुम गाओ ....सावन को...आने दो.....😊