बहुत निराली है ये दुनियाँ हर इंसान अज़ब यहां होता है।
कोई लड़का पा कर दुखी है तो कोई लड़की पा कर खुश होता है।
दूर कहीं शहनाई बजती है तो कहीं पटाखे फोड़े जाते हैं।
कहीं बाप की पगड़ी उछल गयी तो कहीं जनम जनम के रिश्ते जोड़े जाते हैं।
कभी राह में कोई अजनबी मिल गया जो अपना बन कर रह जाता है।
कहीं खून के रिश्ते टूट गए कहीं थोड़ी थोड़ी बातों में परिवार ढह जाता है ।
कुछ लोग सोना पा कर भी अपना ढंग नहीं बदलते हैं।
कुछ लोग चंद सिक्कों की ख़ातिर ईमान यहां बदलते हैं।
कुछ लोग मखमली बिस्तर पर भी भरपूर नींद नहीं ले पाते हैं।
कुछ लोग बीनते कूड़ा करकट फुटपाथ पर चैन से सो जाते हैं।