हां, तुम लौटकर आना....❤️
खड़ी मिलूंगी वहीं तुम्हे
जहां गए थे छोड़कर...मुस्कुराने का वादा लेकर,
कुछ याद अपने दिल मे, कुछ मेरे दिल मे बसाकर
अब जाने कब मिलना होगा? ना ही हो पायेगी बातें अक्सर
सोचूंगी उन बातों को पल-पल, जो कही थी कभी तुमने ये हाथ थामकर
कभी-कभी डर जाती हूँ मैं वो बात सोचकर
दिल मे दर्द लिए जो बात कही थी तुमने हंसकर
"ना आ पाऊं तो मत करना इंतज़ार मेरा...बढ़ जाना ज़िन्दगी में आगे किसी ओर का हाथ थामकर"
कहने को तो आसान था वो सब
लेकिन जाते-जाते क्यों देखा था फिर यूँ पीछे मुड़कर??
अधूरे में ही अपने आप मुकम्मल है ये प्रेम का ताना-बाना
तुम तो कह गए, मेरे लिए मुश्किल हो गया था निभाना
कोशिशें तो बहुत की पर ये दिल ना माना
मैं आज भी खड़ी मिलूंगी तुम्हे वहीं, जहाँ गए थे छोड़कर...तेरा इंतज़ार करती हुई...
हां तुम लौटकर आना...तुम लौटकर ज़रूर आना !!❤️