*आत्मसम्मान*
आत्मसम्मान है हमारी पेहचान भरोसा।
जो इंसान खुद का आत्मसम्मान करता।
है वहीं दूसरों को सम्मान दे सकता है,
और किसीभी परिस्थितियों, में आपको,
कहि झुक ने नही देगा क्योंकि, जीवन
है मूल्यवान सम्मान ही इंसान की सही,
पहेचान, क्योंकि आप सबकुछ खरीद,
सकतें है पैसो से सिवाय आत्मसम्मान।
सिवाय ये कहीं मिलता, नही बाज़ारो में,
हनारे अंदर ही होता है जो हमारी सबसे।
बडी ताकत, है क्योंकि, आपके ईरादे,
आपको मजबूत बनातें है आपको सही।
फैसले, नही जिस दिन आत्मसम्मान के,
लिए ज़िन्दगी से समजोता, करना पड़े,
उस दिन मौत को गले लगाना बेहतर है।
*नीक राजपूत*
*गुजरात*