जहां बीमार वहां उपचार
(कविता)
जहां बीमार वहां उपचार,
है तो बहुत उत्तम विचार।
जिंदगी को जीत मिलेगी,
होगी महामारी की हार।
जहां बीमार……..
एक नया विश्वास जगा है, अवश्य फिर लौटेगी बहार।
लोगों की हिम्मत बढ़ गई,
इंसान हैं लड़ने को तैयार।
जहां बीमार………..
हर व्यक्ति खुश हो रहे हैं,
जब से यह मिला समाचार।
देश स्वागत कर रहा इसका,
है जिंदगी हेतु भव्य उपहार।
जहां बीमार………..
हमको करना चाहिए स्वागत,
होगा इससे हालात में सुधार।
सूर्य चमकेगा फिर आंगन में,
छंटेगा बहुत जल्दी अंधकार।
जहां बीमार…………
प्रमाणित किया जाता है कि यह रचना स्वरचित, मौलिक एवं अप्रकाशित है। इसका सर्वाधिकार कवि/कलमकार के पास सुरक्षित है।
सूबेदार कृष्णदेव प्रसाद सिंह,