#कविता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ
एक कविता का जन्म
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मेरे अंतस में कहीं
एक भावनाओं का
समंदर बहता है....
देख दुनिया की रिवायतें..
लाख नजरअंदाज कर लूँ...
फिर भी पीर का एक ज्वार
उभर आता है...
जो कलम के सहारे
शब्दों का जामा पहन
कागज पर उतर जाता है..
तब मेरे लिए...कहीं..
एक कविता का जन्म होता है.
(मौलिक)
©
अर्चना राय