सलाम-नमस्ते...
पिछले कुछ दिनों से रोज आपके सामने एक खूबसूरत शेर प्रस्तुत कर रहा हूं...
खूबी यह है कि शेर के भावों को फूल, पेड़ और पत्तियों से ही मैच कराना होता है... कभी किसी इनसान के चेहरे का इस्तेमाल नहीं होना है...
काम मुश्किल है... मगर दिलचस्प भी... कई बार आधा घंटा तक लग जाते हैं मैचिंग में... बहरहाल... आपको पसंद आएगा इंज्वाय कीजिए....
कुमार रहमान