कोई नहीं है आत्मनिर्भर
न चंद्रमा न बादल न समुद्र न तारे
सब टिके हैं एक दूसरे के सहारे!
पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी है उनका संबल
सूर्य देता है चंद्रमा को अपनी चमक अपनी रौशनी
समुद्र से जल लेते हैं बादल
और उसे पृथ्वी को लौटा देते हैं
थोड़े सुख-दुःख जोड़-कटौती के साथ!