दिल ने कहा चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से
क्यों नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से
तितलीयों से सुना, मैंने किस्सा बाग़ का
बाग़ में थी इक कली, शर्मीली अनछूई
एक दिन मनचला भँवरा आ गया
खिल उठी वो कली, पाया रूप नया
पूछती थी कली, ये मूझे क्या हुआ
फूल हँसा चुपके से
प्यार हुआ चुपके से...
मैंने बादल से कभी, ये कहानी थी सुनी
परबतों की इक नदी, मिलने सागर से चली
झूमती, घूमती, नाचती, डोलती
खो गयी अपने सागर में जा के नदी
देखने प्यार की ऐसी जादूगरी
चाँद खिला चुपके से
प्यार हुआ चुपके से...
Movie/Album: 1942 अ लव स्टोरी (1993)
Music By: आर. डी. बर्मन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: कविता कृष्णमूर्ति