"अलगारी फकीर की विजय कहानी"
तोप तलवार बंदूक भी जिसके आगे ढ़ेर हुए, हैं ये गांधी की कहानी
तन पर लंगोटी एक, ये अलगारी फकीर की हैं विजय कहानी।
अस्त्र-शस्त्र की भाषा बोलने वाले अंग्रेजों को गांधी ने धूल चटाई,
सूरज जिसका कभी ना अस्त होता ऐसे अंग्रेजों को रात दिखाई।
चला रहे थे लाठियां बंदूक अंग्रेज, गांधीने अहिंसा से अंग्रेजों को हराया,
किसी भी शक्ति के आगे ना झुकने वाले अंग्रेजों को गांधी ने झुकाया।
हर देश को जीतने वाले और किसी भी शक्ति से ना हारने वाले,
अंग्रेजों को गांधी ने सत्य अहिंसा सत्याग्रह के हथियारों से हराया।
दोसो साल गुलामी अंग्रेजोंकी गांधी ने मां भारती को आजाद करवाया,
हों नमक सत्याग्रह या असाकार आंदोलन गांधी ने अपना जौहर दिखाया।
विराट व्यक्तित्व की अजर अमर अविस्मरणीय ये कहानी,
"मित्र"ने छोटी सी कथा गांधी काव्य रचना रचके से सुनाई।
{दोस्तों मित्रों आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि के रूप में काव्य रचना के फूल अर्पित करते हुए सत सत नमन करता हूं}
✍️मनिष कुमार "मित्र" 🙏