हम उनसे मोहब्बत करके
दिन रात सनम रोते हैं
मेरी नींद गई, मेरा चैन गया
और चैन से वो सोते हैं
हम उनसे मोहब्बत...
दिल को धड़कना तुम्हीं ने सिखाया
मुझे तेरी चाहत ने पागल बनाया
जाने ये कैसी है बेकरारी
कटती है आँखों में अब रात सारी
तेरे सीने में हम दिल बन के
सनम बुझते हैं कभी जलते हैं
मेरी नींद गई...
हमें आशिकी का मज़ा आ रहा है
गुलाबी-गुलाबी नशा छा रहा है
साँसों में घुल जाऊँ मैं साँस बन के
रहूँ तेरे दिल में तेरी आस बन के
चाहत की कसम बिछड़ेंगे ना हम
बस इतनी दुआ करते हैं
मेरी नींद गई...
Movie/Album: गैम्बलर (1995)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: नवाब आरज़ू
Performed By: साधना सरगम, कुमार सानू