अपने दर्द को छुपा
लेने की बजाय कुछ
पुरुषों ने चुना
अपनी प्रेमिका के
कंधे पर
सुबक- सुबक कर रोना।
पिता के जाने के बाद,
अपने अधपके
सपनों को छोड़कर
कुछ पुरुषों ने चुना
घर की जिम्मदारियों को
अपनी पीठ पर उठाना।
घर वालों की
इच्छा के विरुद्ध
जाने की बजाय
कुछ पुरुषों ने चुना
उनकी इच्छा से
विवाह करना
और विवाह के बाद
उन्होंने अपनी पत्नी से
प्रेम ना करने की बजाय
उनकी झोली में
डाल दी अपनी प्रेमिका।
ये पुरुष जब
मरने के बाद
दफनाए गए तो
उनकी कब्र से
जन्मे हरसिंगार के पौधे।
~ अर्पित कटियार