वाजपेयीजी के जन्म दिन के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए उनकी कविता का एक अंश
" जो कल थे वो आज नहीं हैं ,
जो आज हैं वो कल नहीं होंगे ,
होने न होने का काम ,
इसी तरह चलता रहेगा ,
हम हैं , हम रहेंगे ,
ये भरम भी सदा पलता रहेगा . "
एक सच्चे अटल देशभक्त को कोटि कोटि नमन