मेरी आँखों के तारे
फ्रेयू और जॉइष है बडे ही प्यारे,
है वो दोनो, मेरी आँखों के तारे;
दोनो भाई बहन, मेरे राज दुलारे ।
खेलते पल पल, लड़ते हर पल ;
देखने लायक होती है इनकी दंगल!
एक पल अगन तो एक पल शीतल जल!
उनके साथ समय का रहता नही ध्यान;
खेलना कुद्ना, खिल खिलाके हसना , जिवन लगता है आसान;
इनकी दिलचस्प कहानी किन शब्दों में, करू मै बयाँ ?
Armin Dutia Motashaw
मेरी आँखों के तारे
फ्रेयू और जॉइष है बडे ही प्यारे,
है वो दोनो, मेरी आँखों के तारे;
दोनो भाई बहन, मेरे राज दुलारे ।
खेलते पल पल, लड़ते हर पल ;
देखने लायक होती है इनकी दंगल!
एक पल अगन तो एक पल शीतल जल!
उनके साथ समय का रहता नही ध्यान;
खेलना कुद्ना, खिल खिलाके हसना , जिवन लगता है आसान;
इनकी दिलचस्प कहानी किन शब्दों में, करू मै बयाँ ?
Armin Dutia Motashaw