कशमकश में हूं कि उन्हें बताऊं कैसे
उनके शब्दों ने जो चैन छीना है,
उसे शब्दों में सजाऊ कैसे ?
राहें तो सारी उनकी ओर ही जाती है
जीने की राह उन्हें बनाऊं कैसे ?
आंखो से बातें जो दोनों ने कि थी
मै तन्हा फिर सो जाऊं कैसे ?
जमाना ही उनकी मुहब्बत में पागल
ज़माने से उनको बचाऊ कैसे ?