किसी को नहीं मिला है मुक़्क़मल जहाँ
कुछ न कुछ बाकी रह ही जाता है यहाँ
नौकरी देखो तो अपने सगे छूट जाए
अपनों को देखो तो नौकरी चली जाए
दोनों छूटे तो कोई कहीं का न रह जाए
प्यार किया जिस से शादी न हो सकी
जिस से शादी की उसने प्यार न किया
जो भी मिला उसी में जीना सीख लिया
कुछ न कुछ हमारा बाकी रह जाता है यहाँ