इस वर्ष हम सभी अपने अंदर विराजमान अभिमान, मद,लोभ, स्वार्थ , अहंकार, क्रोध, क्रूरता,कठोर वाणी रूपी भाषा जैसे रावण का विनाश कर अपने अंदर नम्रता, प्रेम, निश्वार्थ भावना ,त्याग ,परोपकार , जन्मभूमि के लिए विशेष आदर भाव रूपी राम को विराजमान कर सार्थक विजयादशमी मनाएं।
-Sakhi