जानते हो पीड़ा
उन स्त्रियों की ...
जो सम्पूर्ण जीवन को
होम कर देती है
उस घर को संवारने में
जहां वे ब्याह कर आतीं हैं
फिर भी संघर्ष करती हैं
जीवनपर्यन्त
अपनी पहचान के लिए
जिस घर में रचती-बसती है
उनकी मेहनत की ख़ुशबू
वो जाना जाता है
किसी पुरुष के नाम से...।
-मधुमयी