प्रेम करना जितना सरल है,
निभाना उतना कठिन है प्रिय।
तुम्हारे मन वेग कम हो जायेगा,
जब कोई भी दिल से तुम्हे चाहेगा
घबरा जाओगी उसकी आहट से तुम
हर सांस जब प्रिय प्रिय शुर गाएगी।
क्या मेरी बात तुम समझती नहीं,
फिर कहोगी तुम मेरे जैसे नहीं।
भर गया है कुछ भीतर मेरे,
तेरा प्रीतम जब तुझमें समा जायेगा