बेतहाशा प्यार का वजूद भी जिंदा लाश बना है,
कई सदमे से खुद में नजरो के जरिए ढूंढ़ रहा है,
उठाई नहीं नजर ना हाथ बढ़ाया बात करने पर,
दीदार ए महुब्बत में अाइनो के सामने पढ़ रहा है,
इतना पाबन्दियों में गैर लिया इश्क़ के अल्फ़ाज़ से
ना मुकर रहा इश्क़ ए सफ़र में आंधियों के सामने से
@ naisha..❣️