लुटा दिए जों ख्वाब जो लुटाए नहीं जाते,
वादों से बंधे हुए धागे में गुनाह कबूल होते है।
मिट गए जो दुनिया में इश्क़ को सारे आम बढ़ाते है,
उनकी हसरत भरी दीवानगी में आह के भी सीकवे के चर्चे जो थे।
निकल पड़े सच्चाई का रास्ता मान अहमियत के फसाने जूठे जो थे,
उनकी गैरत भरे सफ़र में जिंदगी के पन्नो में लेख भी तो लिखे जो थे।
उनकी आंखो में खुशियां ढूंढने के लिए कितना बड़ा मुकदमा चलाया,
दिल-ए-जहन से जल कर भी मुस्कुराए भी दुनिया के सामने जो थे।
इश्क़ के पैमाने में जो शक्श को खुदा का ही अक्ष ना देखे वो रूह क्या,
उनकी बाहों में सिर रख कर जो इबादत ना कर सके वो महोब्बत का सिलसिला क्या।
तबाह तो एक वक़्त में मिली ठोकर से हमे हमारी नादानी का एक ताल्लुक बताया,
अगर उसके दिल में कैद बन सलाखों में उम्र ना कटे तो उसकी इश्क़ के तरकीब में आज ग़ज़ल ना होती।
DEAR ZINDAGI 🤗❣️🌹