भावनाएं ये दिल की कभी #स्वचालित नही होती
धोका न खाना इस दिल पे, इसकी तो यही फितरत है
प्यार में पहेले दिल की भावनाएं जगाना
और फिर उसी भावनाओं के साथ खेलना
और अंत में तो यही कहना भावनाएं तेरी स्वचालित है
में क्या करूँ जो उनके आने से ये काबू में नही रहती है