# शानदार कविता "
# विषय .दो किलो प्यार *
# हास्य रस पर आधारित ..
दो किलो प्यार में ,जनाब क्या क्या खरीदोगे ।
इतना भारी प्यार ,दिल में कैसे रख पाओगे ।।
इतने प्यार पर दिल ,न्यौछावर कैसे करोगे ।
इतने प्यार से अपने ,मेहबूब को कैसे खुश करोगे ।।
इतने प्यार से अपने ,चाँद को कैसे आकर्षित करोगे ।
प्यार तो कभी बिकता नही ,उसे आप कैसे खरीदोगे ।।
बिकाऊँ प्यार पर ,यकीन तुम कैसे कर पाओगे ।
बिकाऊँ प्यार पर अपने ,सपनो के महल कैसे सजाओगे ।।
प्यार कही मजाक न बन पाये ,उसे कैसे सहन करोगे ।
दो किलो प्यार को ,कैसे सहज कर रख पाओगे ।।
https://www.instagram.com/p/CFgohRDFm9K/?igshid=1iyamwen9znmy