कविता ,विषय .# शिकार .....
दुनियाँ में शिकार ,सब होते ।
कोई नैंनो का ,शिकार होता ।।
तो दिल मजबुरन ,दे बैठता ।
कोई रुप का ,शिकार होता ।।
तो मन मोहित ,कर बैठता ।
कोई गुण का ,शिकार होता ।।
तो उसके यशगान ,करता ।
कोई धन का ,शिकार होता ।।
तो पापाचार से ,धन कमाता ।
कोई वाणी का ,शिकार होता ।।
तो सुदंर गीत ,रच डालता ।
कोई भक्ति का ,शिकार होता ।।
वह ईश्वर भक्ति ,कर मोक्ष पाता ।
दुनियाँ में शिकारी ,बहुत है ।।
हर कोई अपने फन से ,शिकार करता ।
या तो लक्ष्य पाता ,या भटक जाता ।।
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