गांवों में कितने ही ऐसे लोग होते हैं जिन्हें ये नहीं पता होता कि,चुनाव में वे जो वोट डालते हैं,वह खुद के लिए ही डालते हैं। वे उसको एक सामाजिक प्रथा के तौर पर लेते हैं "जिसमें जाना जरूरी होता है",ऐसा मान कर जाते हैं और बस उसको नीबाह करके घर वापस आ जाते हैं।
..रॉयल..