कानून का फैसला
लाचार है इस देश की न्याय व्यवस्था,
कोई नहीं करता यहाँ न्याय की आशा
जो है अपराधी दंड के भागी,
उन्ही का चलता सब खेल तमाशा,
पैसे पर बिक जाती यहां की कानून व्यवस्था,
वही उल्टा फँस जाते है जो सुनाते अपनी व्यथा,
जो है जुर्म के यहां गुनहगार
वही संभालते हैं प्रशासन का कार्य भार
हाथ पर हाथ धर बैठा कानून क्या करें हैं लाचार,
न्याय दिलाने वाले ही नहीं है न्याय के प्रति वफ़ादार,
देश में फेल गया है इतना भ्रष्टाचार,
कहाँ जाये अब कोई सुनाने अपना गुहार,
कहने को तो बहुत कानून है देश में,
सब होते हैं अपराधीयों के पक्ष में,
न्याय से उठता सबका भरोसा,
जो है पैसे वाले फैसला उन्ही के पक्ष में आता।
जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳
vp army ⚔️🇮🇳