वो बेरंगसी उस #विधवा की जिंदगी को
रंगों से भरना चाहता है
वो सहनुभूति से नही लेकिन उसको
दिल से अपनाना चाहता है
वो उसकी पतझड़ सी ज़िन्दगी को
बहारों के फूलों से सजाना चाहता है
माना काफी कठिन है समजाना समाजको
फिर भी समजाना चाहता है
भले ही किसी की #विधवा है वो
उसके दिल मे भी एक दिल धड़कता है
भूलके इस समाज की अन्धश्रद्धा को
उसकी जिंदगी वो संवारना चाहता है