मुझ पे एक ईसारे की जहमत तो की जिए,
अपना तुम्हे बना लू दिल तो दीजिए,
गम मै अपनाऊ सारे जो गम आपका मिले,
मैं खिल उडू नजारे से जो आपका मिले
एसे कुछ नजरो को दिल को नजर करो,
हम आपके मेरे सनम इतना जान लो,
है खता मेरी मै जान ना सकी,
तुम तो अलग ये पहचान ना सकी।
मेरी इस इतना का अब तो शिला मिले
अपना तुझे बना लू दिल तो दीजिए।