# गजल "
# काफिया .ई स्वर "
# रदीफ .रहे **
तेरे मुख की चाँदनी चमकती रहे ।
दिल को शीतलता सदा देती रहे ।।
तेरे रुप की महक सदा फैलती रहे ।
दीवाना दिल को धायल करती रहे ।।
तेरी आँखें सदा मुस्कराती रहे ।
दिल की वीरानी को मिटाती रहे ।।
तेरे प्रेम की बारिश सदा होती रहे ।
प्रेमियों के दिलों को भीगाती रहे ।।
तेरी आरजु सदा महकती रहे ।
तेरी मेहरबानी सदा बरसती रहे ।।
-Brijmohan Rana