प्रिय दोस्तो ,
मानव होने के नाते कोई भी ,कहानी या कविता बुन सकता है ,
जो........ लेखक और अच्छे लेखक के बीच का अंतर जाहिर करते है , और उसे लेखनी का रूप देकर कागज पर उकारते है ? ..........मुमकिन है आपकी रचना दिलचस्प भी हो , और शीर्षक देखकर समय निकाल कर पढना भी चाहे , लेकिन इतने भर से न तो किसी को साहित्यकार कहा जा सकता है और न ही आपका लेखन साहित्य हो जाता है ,,,,, यह सच है कि रचना का रोचक होना आवश्यक है । जिसकी पहली शर्त होती है आम पाठक का बोधगम्य होना,और एक रचनाकार के लिए ये चुनौतीपूर्ण विषय होता है । हम समझते है कि रचनाकार सबके समझ मे आने वाले "सरल शब्दो " के प्रयोग का उपयोग करते है लेकिन तब वैसा प्रभाव नहीं पडता , जो हमे साहित्यकार या कवि बनाता है जो पाठक को पङते -पङते सोचने को मजबूर करें । क्रमशः नीचे